गà¥à¤¨à¤¾à¤¹à¥‹à¤‚ का देवता (Hindi Novel): Gunahon Ka Devta (Hindi Novel)
Author: Dharmaveer Bharti
Subject: hindi author; hindi story; Dharmaveer Bharti; hindi writer; Gunahon Ka Devta (Hindi Novel); hindi book; hindi novel; hindi romance; hindi
Publisher: Bhartiya Sahitya Inc. (2013-10-14)
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धरà¥à¤®à¤µà¥€à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€ के इस उपनà¥à¤¯à¤¾à¤¸ का पà¥à¤°à¤•ाशन और इसके पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पाठकों का अटूट समà¥à¤®à¥‹à¤¹à¤¨ हिनà¥à¤¦à¥€ साहितà¥à¤¯-जगतॠकी à¤à¤• बड़ी उपलबà¥à¤§à¤¿ बन गये हैं। दरअसल, यह उपनà¥à¤¯à¤¾à¤¸ हमारे समय में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤“ं की सबसे अधिक बिकने वाली लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ों में पहली पंकà¥à¤¤à¤¿ में है। लाखों-लाख पाठकों के लिठपà¥à¤°à¤¿à¤¯ इस अनूठे उपनà¥à¤¯à¤¾à¤¸ की माà¤à¤— आज à¤à¥€ वैसी ही बनी हà¥à¤ˆ है जैसी कि उसके पà¥à¤°à¤•ाशन के पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤®à¥à¤à¤¿à¤• वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में थी।–और इस सबका बड़ा कारण शायद à¤à¤• समरà¥à¤¥ रचनाकार की कोई अवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ पीड़ा और à¤à¤•ानà¥à¤¤ आसà¥à¤¥à¤¾ है, जिसने इस उपनà¥à¤¯à¤¾à¤¸ को à¤à¤• अदà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ कृति बना दिया है।